प्रेग्नेंट होने पर पीरियड कैसे लाये?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 15:35


गर्भपात के प्राकृतिक घरेलू उपचार खाद्य पदार्थों से

कच्चा पपीता: भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश आदि कई देशों में, कच्चे पपीते का उपयोग पारंपरिक रूप से गर्भपात और गर्भनिरोध के लिए लोक उपचार के रूप में किया जाता है। इसका सेवन अधिक मात्रा में करने पर यह कारगर होता है। हरे पपीते में लेटेक्स की उपस्थिति गर्भ में संकुचन पैदा करती है, जिसके परिणामस्वरूप गर्भपात होता है।
पार्स्ली (अजमोद): अजमोद के बीज या पत्तियों से बने तेल में गाढ़ा एपिओल होता है, यह एक ऐसा पदार्थ है जिसे बड़ी मात्रा में सेवन करने से जहरीला साबित हो सकता है। अनुसंधान के अनुसार, अजमोद में पाए जानेवाले एपियोल विष गर्भपात का कारण बन सकती है और इस विष के गंभीर प्रतिकूल और घातक प्रभाव पड़ सकते हैं। मिरिस्टिकिन अजमोद में पाया जाने वाला एक यौगिक है। एपिओल की तरह मिरिस्टिकिन, गर्भाशय के संकुचन को प्रेरित कर सकता है और गर्भपात की वजह बन सकता है।
अनन्नास: कुछ अध्ययनों से पता चला है कि अनानास में ब्रोमेलैन होता है, यह रसायन गर्भाशय के ऊतकों को नरम बनाता है और गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है, जिससे गर्भपात होता है।
मेथी के बीज: मेथी का बीज एक प्रचलित मसाला है जिसका उपयोग भारत में कई व्यंजनों में स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसमें सैपोनिन होता है, एक रसायन जो ऑक्सीटोसिन हार्मोन के समान काम करता है। यह गर्भाशय के संकुचन का कारण बन सकता है, और इस तरह यह गर्भपात को प्रेरित करता है।
करेला: यह एक एसी सब्जी है जो हर जगह पाई जाती है और भारत में कई संभावित स्वास्थ्य लाभों के लिए करेले का इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि अगर ज्यादा सेवन किया जाए तो करेले से गर्भ संकुचन हो सकता है जिससे गर्भपात हो सकता है।
तिल के बीज: अधिक मात्रा में सेवन करने पर तिल के बीज हानिकारक हो सकते हैं क्योंकि वे गर्भाशय के संकुचन का कारण बनते हैं जिससे गर्भपात हो सकता हैं। इन्हें पहली तिमाही में खतरनाक माना जाता है।
बैंगन: बैंगन का अत्यधिक सेवन गर्भावस्था के लिए असुरक्षित माना जाता है। इसमें फाइटोहार्मोन होते हैं जो गर्भपात घटा सकते हैं। इसलिए, गर्भपात को प्रेरित करने के लिए बैंगन एक सहायक प्राकृतिक उपचार हो सकता है।
एलोवेरा: जब एलोवेरा का इस्तेमाल खाने में किया जाता है तो इसे हानिकारक माना जाता है। यह गर्भ से रक्तस्राव और गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है, जिसके परिणामस्वरूप गर्भपात हो सकता है।
चीज़ (पनीर): कुछ प्रकार के चीज़, जैसे कैमेम्बर्ट, ब्री, शेवर, गोरगोन्ज़ोला और डेनिश ब्लू, बनाने में एक प्रकार का मोल्ड, यानी फफूंद का इस्तेमाल किया जाता है, और इसमें लिस्टेरिया (एक प्रकार का बैक्टीरिया) हो सकता है जो गर्भपात का कारण बन सकता है। गर्भपात की संभावना कम होती है और तभी होती है अगर लिस्टेरिया युक्त नरम पके हुए या अनपस्तुराइज़ड उत्पादों का सेवन किया जाता है।
कैफ़ीन: यह कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे कि कॉफी, कुछ ऊर्जा पेय (एनर्जी ड्रिंक)। बहुत अधिक कैफीन (२०० मिलीग्राम प्रतिदिन से अधिक) का सेवन गर्भपात के जोखिम को बढ़ा सकता है।

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